मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

शासन स्तर पर हुई सितम्बर माह की आईजीआरएस की समीक्षा में जनपद मुजफ्फरनगर की स्थित काफी खराब रही है। हालाकि पिछले माह की अपेक्षा रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन फिर भी जनपद रैंकिंग में पिछडा हुआ है। इस बार जनपद मुजफ्फरनगर की 45वीं रैंक आयी है। जबकि पिछले माह जनपद की 74वीं रैंक आयी थी। तहसील स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। सभी एसडीएम गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण नहीं कर रहे है। जिस कारण जनपद आईजीआरएस की समीक्षा में लगातार पिछडा हुआ है।
डीएम उमेश मिश्रा और एडीएम वित्त एंव राजस्व गजेन्द्र कुमार के द्वारा आईजीआरएस को लेकर लगातार बैठक की जा रही है। बैठक में सदर, खतौली, बुढाना और जानसठ एसडीएम व अन्य अधिकारियों को आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए जाते है, फिर भी इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सदर और बुढाना एसडीएम के द्वारा फोन भी नहीं उठाया जाता है। वहीं पिछले दिनों कुछ शिकायतों का फर्जी निस्तारण भी कर दिया गया। जिस पर बाद में उच्चाधिकारियो के द्वारा नाराजगी जताई गई। इस बार जनपद मुजफ्फरनगर की आईजीआरएस में 45वीं रैंक आयी है। जानसठ तहसील की 275वीं रैंक और खतौली तहसील की 200वीं रैंक आयी है।







