मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जानसठ में तहसील व ब्लॉक की उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी राजकुमार द्वारा की गयी। बैठक में जिला कृषि अधिकारी, सहकारिता गन्ना, उधान अधिकारी के साथ साथ प्रतिनिधि मै. फर्टीलाइर्स लि., चंबल फर्टिलाइजर , इफ़को, कृभको ,उर्वरक सहायक, थोक व उर्वरक प्रदानकर्ता द्वारा प्रतिभाग किया गया।


जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया द्वारा वर्तमान समय में किसानों द्वारा रासायनिक उर्वरकों के बढते प्रयोग को कम करने तथा उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जागरूकता को बढाये जाने पर बल देते हुये विस्तारपूर्वक बताया गया। विक्रेताओं को बताया गया कि किसानों को सही समय व सही विधि के अनुसार आवश्यक पोषक तत्वों की सही मात्रा में रासायनिक उर्वरक प्रयोग में लाने के लिये समझाया जाये। प्रत्येक सप्ताह में एक दिन निर्धारित कर दुकान से जुडे कृषकों को एकत्र कर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की जाये। इसमें वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के अन्धाधुन्ध प्रयोग को कम करने, इनके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी करायें। इनके स्थान पर वैकल्पिक उपायों जैसे जैविक खाद में गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद में ढैंचा, सनई, लोबिया जैसी फसलों को जोतकर मिट्टी में मिलाना तथा जैब उर्वरक (बायो-फर्टीलाइजर्स) राइजोबियम, एजोटोवेक्टर, फॉस्फेट साल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया (पी0एस0बी0) में प्रयोग के बारे में बताया गया। बैठक में बताया गया कि एक किसान को एक बार में अधिकतम 7 बैग यूरिया व 5 बैग डीएपी से ज्यादा ना दिया जाये। दलहनी फसलों को फसल चक्र में शामिल करना एवं एक ही खेत में विभिन्न फसलें उगाने को कहा गया। किसानों को फसल अवशेष को जलाना नहीं चाहिये, इसको मिट्टी में मिलाकर कम्पोस्ट खाद के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिये। आगामी सत्र से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर उसमें अंकित कृषित भूमि के आधार पर उर्वरक प्राप्त हो सकेगी।






