मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लोगों को फर्जी काल कर सस्ता सामान बेचने के नाम पर धोखाधडी कर UPI के माध्यम से करीब 15 लाख रुपयों से अधिक की ठगी करने वाला 01 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार। अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन बरामद।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध व थाना प्रभारी साइबर क्राइम सुल्तान सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही।
घटना का संक्षिप्त विवरण- गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित आनलाईन पोर्टल, “प्रतिबिम्ब” पर जनपद मुजफ्फरनगर से फर्जी काल कर लोगों के साथ साइबर धोखाधडी करने की शिकायतें प्राप्त हुई। उक्त प्राप्त शिकायतों की थाना साइबर क्राइम द्वारा जांच की गयी तो धोखाधडी की घटना में प्रयोग किये गये मोबाइल नंबर व बैंक खाते जनपद मुजफ्फरनगर में संचालित मिले। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा गहनता से जांच कर उक्त धोखाधड़ी की घटना में प्रकाश में आये अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता-
1. सचिन स्वामी पुत्र जितेन्द्र नि0 म0न0 99 राजा रोड, धामावाला, दुर्गा मंदिर देहरादून उत्तराखण्ड हाल पता गली न0 12 गाधी कालोनी थाना नई मण्डी जनपद मुजफ्फरनगर।
पंजीकृत अभियोग का विवरण-
1. मु0अ0सं0 13/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66सी, 66डी आईटी एक्ट, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।
बरामदगी-
✅ 01 मोबाइल फोन(घटना में प्रयुक्त)
गिरफ्तार अभियुक्त सचिन स्वामी उपरोक्त का आपराधिक इतिहास–
1. मु0अ0सं0 29/2025 धारा 319(2)/318(4)/336(3)/338/340(2)/61(2) बीनएनएस, थाना साइबर क्राइम चण्डीगढ।
2. मु0अ0सं0 13/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66सी, 66डी आईटी एक्ट, थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर।
पूछताछ का विवरण– गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि मैं वर्ष 2025 से विभिन्न मोबाइल नंबरों का उपयोग कर लोगों को ऑनलाइन सस्ते मोबाइल, प्रिन्टर, इलेक्ट्रॉनिक या अन्य सामान बेचने का झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहा था तथा सोशल मीडिया, ऑनलाइन मार्केटप्लेस और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क करता था। भरोसा दिलाने के लिए फर्जी फोटो, बिल और कोरियर रसीद भेजता था। जब लोग एडवांस भुगतान UPI या बैंक ट्रांसफर से कर देते थे, तो में उस नंबर को बंद कर देता था या पीड़ित को ब्लॉक कर देता था और सामान कभी नहीं भेजता था।
नोटः- अभियुक्त के 05 मोबाईल नम्बरों पर 16 शिकायतें तथा 04 खातों पर कुल 18 शिकायतों दर्ज होना अभी तक प्रकाश में आया है, खातों की जाँच प्रचलित है। अभियुक्त के विरुद्ध अभी तक ज्ञात शिकायतों में लगभग 15 लाख रुपये से अधिक की धोखाधडी की शिकायतें दर्ज है, थाना साइबर क्राइम द्वारा अन्य शिकायतों/ अभियोगों की जानकारी भी की जा रही है। अभियुक्त पूर्व में साइबर क्राइम थाना चंडीगढ़ से भी साइबर धोखाधडी में जेल गया है।






