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आवारा कुत्तों के समाधान को नगर पालिका के पास नहीं संसाधन और पुख्ता इंतजाम

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा कुत्तें अब नगर पालिका के सिर का दर्द बन चुके है। आवारा कुत्तों को लेकर नगर पालिका अभी तक कोई स्थाई समाधान नहीं कर पायी है। आवारा कुत्तों के बधियाकरण को लेकर नगर पालिका के पास पुख्ता इंतजाम और संसाधन भी नहीं है। ऐसे में नगर पालिका के लिए आवारा कुत्तें बडी चुनौती बने हुए है। उधर आवारा कुत्तों के बधियाकरण को लेकर पशु पालन विभाग ने भी हाथ खडे कर दिए है। अब नगर पालिका को स्वयं शहर के 55 वार्डों में सर्वे करते हुए कुत्तों का बधियाकरण करना होगा।
आवारा कुत्तों का खौफ शहर में लगातार बढता जा रहा है। शहरी क्षेत्र की ऐसी कोई सड़क व गली मोहल्ला नहीं है जहां पर आवारा कुत्तों का आंतक न हो। सभी लोग आवारा कुत्तों को लेकर काफी भयभीत बने हुए है। काफी लोगों को आवारा कुत्तें अपना शिकार बना चुके है। शहरी क्षेत्र में करीब 10 हजार से अधिक आवारा कुत्तें है। रात्रि में यह सभी कुत्तें झुंड में एकत्र होकर हमला करते है। वहीं बाईक और कार आदि वाहनों के पीछे भी दौडते है। इस दौरान कई बार दुर्घटना हो चुकी है। पूरा शहर आवारा कुत्तों के आतंक से भयभीत बना हुआ है और नगर पालिका अभी तक कोई स्थाई इंतजाम नहीं कर पायी है। नगर पालिका ने पशु पालन विभाग को शहर के 55 वार्डों में आवारा कुत्तों का सर्वे और बधियाकरण के लिए पत्र लिखा था। पशु पालन ने इस पर हाथ खडे कर दिए है। सीवीओ जितेन्द्र गुप्ता ने कहा है कि यह कार्य स्वयं नगर पालिका का है। इस मामले में उनका सहयोग एक सीमा तक किया जा सकता है। बधियाकरण का कार्य पालिका को स्वयं करना है। ऐसे में नगर पालिका के पास पुख्ता इंतजाम और संसाधन नहीं है। वहीं किसी संस्था के प्रपोजल पर भी अभी स्वीकृति की मोहर नहीं लगी है। जिस कारण कोई समाधान नहीं हो पाया है।

 

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