मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जनपद में मनरेगा के कार्यों में हुए फर्जीवाडे की शिकायत पर सीडीओ ने जांच बैठा दी है। कुछ निवर्तमान ग्राम प्रधानों के द्वारा मनरेगा के फर्जीवाडे को लेकर शिकायत की गई थी। जिस सीडीओ ने गंभीरता से लिया है। आरोप है कि शाहपुर ब्लाक में प्रधानों के फर्जी हस्ताक्षर कर मनरेगा योजना में विभिन्न विकास कार्यों को दर्शाया गया है।
जनपद के शाहपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत चांदपुर के निवर्तमान प्रधान कुलदीप त्यागी, बसधाड़ा के प्रशासक दिलशाद त्यागी, निजामपुर के प्रशासक मनीष त्यागी और ग्राम पंचायत धनायन से प्रशासक पति प्रवीण कुमार ने मनरेगा में हुए फर्जीवाडे की उच्चाधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत का फर्जी लेटर पैड बनवाकर मनरेगा कार्य के लिए श्रमिकों की डिमांड की गई। डिमांड पत्र पर प्रधानों के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाई गई। प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रत्येक माह मनरेगा श्रमिक दर्शाकर विकास कार्य होना बताया गया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को श्रमिक दर्शाया है, वह ग्राम पंचायत के नहीं है। प्रधानों ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है। निवर्तमान प्रधान कुलदीप त्यागी ने बताया कि गांव में मरेगा से कोई विकास कार्य नहीं हुआ, जबकि उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से मनरेगा योजना से कार्य होना दर्शाया गया है। बीते दिनों ही यह मामला उनकी पकड़ में आया। विभागीय अधिकारी और संबंधित कर्मचारी इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता के साथ जांच हुई तो मनरेगा का बडा फर्जीवाडा सबके सामने आएगा।

इन्होंने बताया
कुछ निवर्तमान ग्राम प्रधानों के मनरेगा योजना के संबंध में शिकायत की गई है। उनकी शिकायत पर जांच कराई जा रही है। वहीं संबंधित सचिवों को भी तलब किया गया है।
कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, सीडीओ मुजफ्फरनगर





