मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

मुज़फ्फरनगर के प्रेमपुरी चौराहा स्थित ईदगाह के सामने, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक के निवास स्थान के निकट, भारतीय जनता पार्टी की महिला पदाधिकारियों और भारी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति द्वारा एक विशाल ‘जन आक्रोश महिला धरना प्रदर्शन’ आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के विरुद्ध समाजवादी पार्टी एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा अपनाए गए नकारात्मक रवैये और महिला हितों पर प्रहार के विरोध में किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता मीनाक्षी स्वरूप ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का मौलिक अधिकार है और जब जीवन के प्रत्येक पड़ाव में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है, तो लोकसभा और विधानसभा में भी उनका आरक्षण अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी द्वारा इस अधिनियम का विरोध करना सीधे तौर पर मातृशक्ति का अपमान है। कार्यक्रम की जिला संयोजक और जिला उपाध्यक्ष अंजलि चौधरी ने महिलाओं की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि आज की यह उपस्थिति विपक्षी दलों को यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि मातृशक्ति में कितनी ताकत होती है और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए कभी पीछे नहीं हटेंगी। भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने भी इस अवसर पर विपक्ष के अड़ियल रवैये पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया और इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्व जिला मंत्री रेनू गर्ग एवं वर्तमान जिला उपाध्यक्ष विशाल गर्ग द्वारा किया गया। प्रदर्शन के दौरान जिला मंत्री ममता अग्रवाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष कविता सैनी, श्रीमती विमल चौहान, जिला उपाध्यक्ष श्वेता कौशिक और आँचल तोमर ने भी आरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे और विपक्ष की संकुचित मानसिकता की कड़ी निंदा की। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में वरिष्ठ भाजपा नेत्री महेशो चौधरी, विमला चौधरी, मनी पटपटिया, विशाखा सैनी, टोनी, मोनाली पंवार, दुलारी मित्तल, रेखा वर्मा, अंजू शर्मा, सीमा गोस्वामी सहित विशाल मखियाली, जोगिन्द्र गुर्ज्जर, शिवकुमार त्यागी, दीपक मित्तल, प्रवीण खेड़ा, विनीत ठाकुर, हरीश गुप्ता, रोहित जैन, रामकुमार वर्मा, राधे वर्मा, सभासद मनोज वर्मा, अमित बोबी, राजीव शर्मा, योगेश मित्तल, प्रशांत चौधरी और जिला महामंत्री संजय गर्ग आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन के अंत में उपस्थित मातृशक्ति ने एक स्वर में केंद्र सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और महिला सशक्तिकरण के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने वाली ताकतों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का संकल्प लिया।






