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खेती में बढ़ती लागत, घटती आमदनी और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच सुभाष पालेकर मॉडल दे सकता है एक नई दिशा: राकेश टिकैत

मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज
भारतीय किसान यूनियन द्वारा आज सिसौली स्थित किसान भवन में आयोजित मासिक पंचायत में देशभर से आए किसानों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया पंचायत में मुख्य रूप से प्राकृतिक खेती के प्रणेता सुभाष पालेकर  के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 22,23,24,25 मार्च 2026 को केंद्र में रखते हुए विस्तृत चर्चा की गई। किसानों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुभाष पालेकर द्वारा बताई गई शून्य बजट प्राकृतिक खेती पद्धति वर्तमान समय में खेती की लागत कम करने और भूमि की उर्वरता बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत  ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा से किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और अब समय आ गया है कि किसान आधुनिक और प्राकृतिक खेती के संतुलन को समझते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस चार दिवसीय शिविर में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर खेती के नए आयामों को अपनाएं।
वहीं राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जी ने कहा कि खेती में बढ़ती लागत, घटती आमदनी और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच सुभाष पालेकर मॉडल एक नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल खेती का तरीका नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का आंदोलन है।
पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में किसानों की विभिन्न समस्याओं—जैसे फसल के उचित दाम, बिजली दरों में राहत, और कृषि से जुड़े अन्य मुद्दों—को लेकर व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
अंत में भारतीय किसान यूनियन ने सभी किसानों से आह्वान किया कि वे संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें और सिसौली में आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनें।

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