मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

निकायों में राजस्व वसूली कम होने पर शासन स्तर पर कडी नाराजगी जताई गई है। शासन ने टैक्स वसूली को लेकर सख्ती दिखाई है। शासन ने 31 जुलाई तक सम्पत्तियों के बिल पहुंचाने के निर्देश दिए है। वहीं शत प्रतिशत राजस्व वसूली के निर्देश दिए गए है।
राजस्व वसूली को लेकर नगर पालिका की स्थित काफी खराब है। नगर पालिका के द्वारा टैक्स बिलों का वितरण नहीं हो पा रहा है। यही हाल अन्य निकायों का भी बना हुआ है। जिस कारण राजस्व वसूली में निकाय पिछडती है। उत्तर प्रदेश सरकार के नगर निकाय निदेशालय ने राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नगर परिषद् के रजिस्टर में दर्ज प्रत्येक संपत्ति पर कर नोटिस/बिल 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से संबंधित गृहस्वामी तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। यह कदम राजस्व संग्रह को गति देने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ के निदेशक अनुज कुमार झा द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों के राजस्व संकलन की मासिक समीक्षा की जाती है और इस बार इसमें पाया गया है कि कई निकायों ने समय पर कर नोटिस जारी नहीं किए हैं। पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि निदेशालय से राजस्व वसूली के लिए संपत्तियों को बिल 31 जुलाई तक जारी करने के निर्देशों के क्रम में कर विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया गया है।







