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मुजफ्फरनगर में बने एम्स अस्पताल, किसानों का कर्ज हो माफ, गन्ने का भाव किया जाए 600 रुपए प्रति कुंतल

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

बुधवार को जीआईसी मैदान में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) की किसान बचाओ-देश बचाओ को लेकर एक विशाल महापंचायत हुई है। भाकियू तोमर की महापंचायत में हजारों की संख्या में किसान पहुंचे है। भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि किसानों को खुशहाल करने के लिए गन्ने का भाव 600 रुपए प्रति कुंतल किया जाए और किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाए। महापंचायत के बाद उन्होंने एडीएम प्रशासन को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम 33 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है।


भाकियू तोमर की महापंचायत में ट्रैक्टर ट्राली, बस और निजी वाहनों से हजारों की संख्या में किसान पहुंचे है। इस महापंचायत में महिला किसान भी काफी संख्या में नजर आयी है। भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर में एम्स अस्पताल की स्थापना होनी चाहिए। यहां पर उपचार कराने के लिए किसान और आम आदमी को दूर दराज तक का सफर तय करना पडा है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट कि शाखा मेरठ में भी लायी जाए, किसानों पर आंदोलन के समय जो मुकदमे दर्ज किये गये वह खत्म कराया जाए। नहरों रजवाहो की साफ सफाई करायी जाए और टेल तक पानी छोड़ा जाए जिसे किसान अपनी फसल कि सिंचाई कर सके। स्मार्ट मीटर पर पूर्ण रुप से रोक लगायी जाए जबरन मीटर ना धोपे जाए। खाद डाई की काला बाजारी खत्म कराया जाए। किसानों को नलकूप के कनशन फ्री दी जाए और घेरेलू बिजली पर 50 प्रशेट कि छूट दी जाए। किसान को 60 वर्ष के बाद दस हजार रुपए महीना पैशन दी जाए। किसान आयोग का गठन कराया जाए। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गारंटी कानून लागू किया जाए। किसान अगर अपने घरेलू कार्य के लिए मिट्टी या रेत लाता है तो अनावश्यक परेशान ना किया जाए पुलिस और प्रशासन सहयोग करने का काम करें। बिजली विभाग द्वारा ब्लाक स्तर पर केम्प लगावाकर बिल ठीक कराकर जमा करवाया जाए। तहसील और बिजली विभागो में बड़े स्तर पर किसानों का शौषण किया जाता है उस रोक लगायी जाए और निस्वार्थ किसानो के कार्य किये जाए। रोहन राठी जिसकी 24 सितंबर मे अज्ञात लोगों द्वारा हत्या कर दी गयी हम मांग करते हैं मुजफ्फरनगर पुलिस निष्पक्ष जांच कर सही हत्यारों को जेल भेजने का काम करें। किसान के ट्रैक्टर कि उम्र 10 वर्ष स्थायी ना करके जब तक ट्रैक्टर चलने कि स्थिति में हो उसे पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार परेशान ना किया जाए। बढ़ती मंहगाई से किसानों और आमजन कि कमर तोड़ने का काम किया है महंगाई पर शिकंजा कसा जाए। इस दौरान मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष रईस मलिक, प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड भूपेन्द्र चौहान, प्रदेश प्रभारी हसीर चौधरी, अंकित गुर्जर, राममेहर तोमर, पवन त्यागी, हनी बालियान, इन्द्रजीत सांगवान, राजवीर सिंह, तालिब हसन, रजत जैन, श्रवण त्यागी, राजीव तोमर, मुनव्वर प्रधान, प्रवेन्द्र चौधरी, आनन्द शर्मा, निनित राठी, अंकित चौहान, वीरेनद्र तेवतिया, जिलाध्यक्ष मेरठ इन्तजार प्रधान, संदीप चौहान देहरादून, वकील चौहान शामली, अनूप मिश्रा मुरादाबाद, राव सलीम सहारनपुर, कासिद हुसैन सहित अन्य पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।

बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नुक्सान की भरपाई की जाए
मुजफ्फरनगर। भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने कहा कि भारी बारीश और ओलावृष्टि के कारण फसलों का भारी नुक्सान हुआ है सरकार उसका सर्वे कराकर फसल का मुआवजा दिया जाए। जंगली जानवर आंवरा पशु द्वारा किसानौ की फसलों का नुकसान किया जा रहा। सरकार द्वारा किसानों के खेतों की तारबंदी करायी जाए और जो जानवरों द्वारा फसल नष्ट की गयी है उसका मुआवजा भी दिया जाए। कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विशेषज्ञ के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती कम लागत और नई फसलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। कृषि भूमि पर आवश्यक पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई से किसानों को राहत दी जाए और छोटे कृषि विवादों को स्थानीय स्तर पर समाधान कराया जाए। किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य मिले और लागत के अनुरूप मूल्य निर्धन की व्यवस्था मजबूत की जाए।

प्रदूषण के चलते किसान बीमार होता है फैक्ट्री मालिक उठाए खर्च
मुजफ्फरनगर। उन्होंने कहा कि किसानों के बच्चो और बेराजगार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा नौकरी दी जाए। मंडी व्यवस्था को मजबूत किया जाए और किसानों को अपने उपज बेचने में बिजोलिया व आवश्यक कटौती से बचाया जाए। किसानों को सिंचाई के लिए प्राप्त बिजली विभाग निर्धारित समय पर प्रयुक्त कराई जाए। गन्ने की पर्ची और टोल व्यवस्था में प्रदर्शित हो तथा किसानों की पर्ची के लिए परेशान ना किया जाए। गन्ने का भुगतान समयबद्ध कराया जाए और बकाया भुगतान पर किसानों को ब्याज दिलाया जाए। जनपद मुजफ्फरनगर में पेपर मील से भयंकर प्रदूषण फैलता है। जिसके चलते किसान बड़े स्तर पर बीमार हो रहै है। अगर किसान प्रदूषण के चलते बीमार होता है तो उसका खर्च फैक्ट्री मालिक से दिलवाया जाए। मुजफ्फरनगर का प्रशासन प्रदूषण पर पूरी तरह नकेल खेचने का काम करें। जनपद मुजफ्फरनगर से बिजनौर पानीपत खटीमा मार्ग पर केला गांव पर पिछले 7 महीनों से किसानों का अंडर पास कि मांग कर रहे है लेकिन अभी तक अंडर पास नहीं दिया गया है जल्द से जल्द अंडर पास दिया जाए। कोई मुकदमा बिना जांच के दर्ज ना किया जाए। पिछले 6 महीने से जो परमिट की बसे है और टैक्स भी भरते हैं उन गाडियों को एसपी ट्रैफिक द्वारा रुकवा दी गयी है उन्हे चलवान की परमिशन दी जाए।

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