मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जनसूचना के अधिकार को लेकर अधिकारियों की लापरवाही और अधिनियम में हुए संशोधनों की जानकारी के अभाव पर राज्य सूचना आयुक्त मौ. नदीम ने नाराजगी जताई। विकास भवन के सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जनसूचना अधिनियम में समय-समय पर हुए संशोधनों की जानकारी अधिकांश अधिकारियों को नहीं है। अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और सूचना उपलब्ध कराने की समयसीमा का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि जनपद में सूचना से संबंधित 162 मामले वर्तमान में विचाराधीन हैं। इन मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद आवेदकों को सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इनमें सबसे पुराना मामला वर्ष 2024 का है। इस प्रकरण में जिलाधिकारी को संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि जनपद में जनसूचना उपलब्ध नहीं कराने के मामलों में करीब 565 अधिकारी अर्थदंडित हो चुके हैं। इनमें कुछ अधिकारियों द्वारा निर्धारित अर्थदंड जमा कराया जा चुका है, जबकि कुछ अधिकारी अर्थदंड जमा कराने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और आवेदनों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।







