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सीएम योगी से मुलाकात नहीं होने पर सभासदों का फूटा आक्रोश, मंत्री के आवास पर पहुंच कर जताई नाराजगी

मुजफ्फरनगर। हिन्दुस्तान सिटी न्यूज

जनपद मुजफ्फरनगर में आए सीएम योगी आदित्यनाथ से कुछ सभासदों की किन्हीं कारण वश मुलाकात नहीं हो पाई। इस बात से खफा सभासदों का आक्रोश फूट गया। उन्होंने मंत्री के आवास पर पहुंच कर कडी नाराजगी जताई है।  निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बने इंतजामों में अव्यवस्था और पास वितरण में कथित देरी को लेकर सभासदों में भारी आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने मंत्री से संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांगी है।

मुजफ्फरनगर में सोमवार को आयोजित वृहद कौशल रोजगार मेला और जनसभा कार्यक्रम हुआ, इसमें भारी जनसैलाब उमड़ा, इससे संयोजक, आयोजक और सीएम योगी भी गदगद दिखे। यह जनसभा कई यादों को छोड़कर गई है, इसके समापन के अगले दिन अब मंगलवार को नया विवाद सामने आया है। बताया गया कि जनसभा के समापन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा के नगर पालिका परिषद के सभासदों को मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय पर पास उपलब्ध नहीं कराए गए। सभासदों का आरोप है कि जब मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़ान भर चुका था, उसके बाद प्रशासन की ओर से पास उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें कार्यक्रम से बाहर होना पड़ा।
प्रशासन की अपमानजनक व्यवस्था से नाराज भाजपा सभासद सीधे उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं नगर विधायक के गांधीनगर स्थित आवास राधा कुंज पहुंचे और जमकर विरोध दर्ज कराते हुए नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान भाजपा के कई सभासदों ने व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और अपमान का आरोप लगाया। आवास पर काफी देर तक गहमागहमी और हंगामे का माहौल बना रहा। सभासदों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की पूर्व निर्धारित व्यवस्था को जानबूझकर बिगाड़ा गया। उनका कहना है कि सभी 36 निर्वाचित और नामित सभासदों को मुख्यमंत्री से मिलवाने की सहमति पहले ही बन चुकी थी, लेकिन प्रशासन ने पास जारी करने में लापरवाही बरती।
बताया गया कि मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्वयं भाजपा सभासदों की सीएम योगी से मुलाकात कराने के लिए गन्ना शोध संस्थान स्थित हैलीपेड पर विशेष व्यवस्था कराई थी। साथ ही जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी सभासदों के पास समय से जारी किए जाएं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। भाजपा सभासदों ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक हैलीपेड पर धूप में खड़ा रखा गया। पास न मिलने के कारण वे मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कर सके और बाद में उन्हें वहां से बाहर कर दिया गया, फिर जब हेलीकॉप्टर उड़ गया तो उनको पास उपलब्ध कराये गये। सभासदों ने इसे अपने जनप्रतिनिधि होने का अपमान बताया और घटना की जांच की मांग की और ये सभी पास मंत्री को लौटा दिये।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह पूरा मामला एक गलतफहमी का परिणाम है और किसी भी स्तर पर जानबूझकर अव्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि सभासदों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए हर संभव व्यवस्था की गई थी। उन्होंने इस सम्बंध में प्रशासन से भी जवाब मांगा है। कहा कि भाजपा कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है। घटना के बाद सभासदों ने एकजुट होकर मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिस भी अधिकारी की लापरवाही सामने आए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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