मुजफ्फरनगर। हिंदुस्तान सिटी न्यूज

शहर के मोहल्ला हनुमानपुरी में बारिश के पानी की निकासी न होने पर घर और दुकानों में पानी भर गया। गुस्साए लोगों ने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं पालिका प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। गुस्साए लोग वहीं पर धरने पर बैठ गए। उधर जानकारी मिलने पर जल निगम और नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पानी की निकासी कराने के लिए नगर पालिका के अधिकारियों को करीब छह घंटे लगे है। पानी की निकासी होने पर गुस्साए लोगों शांत हुए और उन्होंने धरना खत्म कर दिया। दोपहर बाद राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हनुमानपुरी और रामलीला टिल्ले का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों के साथ वार्ता भी की है।


शहर के मोहल्ला रामलीला टिल्ला में नाला निर्माण कार्य कराया जा रहा है, करीब 27 करोड़ रुपये की लागत वाले से कार्य को जल निगम सीएंडडीएस करा रहा है। यहां पर जल निकासी के लिए छोटे पाइप के सहारे वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। रविवार की दोपहर में तेज बारिश के कारण हालात खराब हो गए। इन छोटे पाइपों से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। वहीं हनुमानपुरी और रामलीला टिल्ला की कई गलियों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने सोचा की रात्रि में पानी उतर जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सुबह भी पानी मोहल्लों में ज्यो का त्यो भरा रहा। कुछ घर और दुकानों के घर भी पानी भर गया। इस बार से खफा होकर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और वहीं पर धरने पर बैठ गए। गुस्साए लोगों ने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर सूचना मिलने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अन्नु चौधरी, एई निर्माण नैपाल सिंह और एई जलकल अनुज कुमार के साथ पालिका की पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जल निगम के अधिकारियों से भी समन्वय बनाकर ऐसी समस्या का प्रबंध करने के लिए कहा गया है। पालिका की टीम को पानी की निकासी कराने में करीब छह घंटे लगे। है।
पुलिया में फंस गए स्क्रेप के बोरे, पानी की निकासी हुई बंद
मुजफ्फरनगर। हनुमानपुरी में पुलिया के समीप एक कवाडी की दुकान बनी हुई है। उसका कुछ स्क्रेप दुकान के बाद बोरो में भरा हुआ रखा था। रविवार को हुई बारिश और तूफान के बाद स्क्रेप के बोरे उक्त पुलियां में फंस गए। जिस कारण पानी की निकासी बंद हो गई और हनुमानपुरी में पानी भर गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सवेरे साढ़े छह बजे वह पालिका कर्मियों के साथ हनुमानपुरी पहुंचे। वहां पर लोगों को समझाने के बाद निरीक्षण किया गया। पता चला कि जल निगम के ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य कराये जाने के दौरान नाले पर पानी रोकने के लिए बंध लगाये गये थे, ताकि निर्माण सामग्री तैयार करने के लिए पानी की आवश्यकता को पूर्ण किया जा सके। तेज बारिश के कारण पीछे से पानी का दबाव बढ़ इसी बीच यहां पर स्थित एक कबाड़ी की दुकान के बाहर रखे स्क्रेप के बोरे पानी के साथ बहकर पुलिया में फंस गए। यहां बड़े बोरे कूड़े के साथ फंसने के कारण ये पुलिया पूरी तरह से चौक हो गई। जिससे जल निकासी शत प्रतिशत अवरुद्ध हो जाने से एक गली में कई फीट पानी भरा हुआ था। यहां पर जेसीबी मशीन से कार्य कराया जाना असंभव था। इस कारण मैनुअली करीब 15-20 कर्मचारियों की टीम को लगाकर पुलिया की सफाई कराई गई। सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक इन कर्मचारियों ने नाले में घुसकर कार्य किया। करीब छह घंटे बाद जल निकासी सुचारू हो पाई।






